सुविचार ,विचार जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते है
आज कल हम देखते हैं कि सभी लोगों को सुविचार आते हैं, आप जिससे भी पूछोगे वो आपको कोई न कोई सुविचार तो बता ही देगा। आज सभी watsaap का उपयोग करते हैं, और उसी के माध्यम से अपने सुविचार को अन्य व्यक्ती तक पहुंचाते हैं। अब जब अन्य व्यक्ती उनके सुविचार को पढ़ते तो सोचते होंगे कि ये भाई कितने समझदार , कितने सुलझे हुए हैं, लेकिन क्या वास्तविकता में ऐसा है?, नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
क्योंकि जो व्यक्ति सुविचार भेज रहा है, या फिर आपको सुना रहा, उसने स्वयं ने वह सुविचार किसी ओर से प्राप्त किया, उसने उस सुविचार को अपने जीवन शामिल नहीं किया है।
तो यहीं आज कि सबसे बड़ी समस्या है कि हर व्यक्ती स्वयं को दूसरे से अधिक बुद्धिमान समझता है, दूसरो को ज्ञान देता है, लेकिन स्वयं के जीवन में उस ज्ञान को नहीं स्वीकारता है।
यदि व्यक्ति जो ज्ञान दूसरो को देता है उसी ज्ञान का अनुसरण पहले अपने जीवन में करले तो वह स्वयं तो कई समस्याओं से निपटने के लिऐ तैयार होगा ही, साथ में अन्य लोगों पर भी इस बात का अधिक प्रभाव पड़ेगा कि वह व्यक्ती स्वयं भी इस सुविचार का अनुसरण करता है, तो सभी लोग फिर उस व्यक्ति का अनुसरण करेंगे।
और इस प्रकार समाज अपने अंदर से कई बुराइयों, कई प्रकार की गलत आदतों से छुटकारा पालेगा।
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